पणजी. गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद भाजपा ने राज्य में सरकार बचाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। गोवा भाजपा अध्यक्ष विनय तेंदुलकर के मुताबिक, दोपहर 2 बजे तक सभी सहयोगी दलों से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री के नाम का फैसला हो जाएगा। 3 बजे के बाद शपथग्रहण होगा। उधर, कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
कांग्रेस नेता चंद्रकांत कावेलकर ने बताया, हमने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। हम राज्य की सबसे बड़ी पार्टी हैं। हमारे पास 14 विधायक हैं और हमें सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए।
भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर नहीं बन पाई आम राय
गोवा में रविवार रात भाजपा और उसके सहयोगी दलों की बैठक बुलाई गई थी। हालांकि इसमें मुख्यमंत्री के नाम पर कोई फैसला नहीं हो पाया। बैठक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे। भाजपा विधायक माइकल लोबो ने बताया कि महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के विधायक सुदीन धवलीकर मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, इसके बाद चर्चा को विराम दे दिया गया। उधर, कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए राज्यपाल के पास दावा पेश किया है।
'गठबंधन का नेता बनेगा मुख्यमंत्री'
लोबो के मुताबिक- धवलीकर खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं जबकि भाजपा चाहती है कि गठबंधन के नेता को मुख्यमंत्री होना चाहिए। भाजपा विधायकों ने विश्वजीत राणे और प्रमोद सावंत का नाम मुख्यमंत्री के लिए प्रस्तावित किया है।
उधर, गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के प्रमुख विजय सरदेसाई ने बताया कि भाजपा-सहयोगी दलों की बैठक में मुख्यमंत्री को लेकर फैसला नहीं हो पाया। हमारा समर्थन पर्रिकर जी को था, भाजपा को नहीं। अब वे नहीं रहे तो विकल्प खुले हुए हैं। हम गोवा में स्थिरता चाहते हैं, हम नहीं चाहते की सदन को भंग किया जाए। हम भाजपा के अगले कदम का इंतजार करेंगे। पर्रिकर के निधन के बाद खाली हुई जगह कैसे भरी जाएगी, इस बात को लेकर सभी सहयोगी दलों में चिंता है। जीएफपी के 3 विधायक हैं।
'उम्मीद है गडकरी नाम का ऐलान करेंगे'
धवलीकर ने बताया कि गडकरी ने विधायकों से साथ अलग-अलग मीटिंग और कुछ सवाल किए। उन प्रश्नों का जिक्र करना उचित नहीं होगा। हम उम्मीद कर रहे हैं कि गडकरी सोमवार को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकते हैं। इसके बाद ही एमजीपी तय करेगी कि सरकार को समर्थन देना है या नहीं।
सरकार बनाने के लिए कई नेता हमारे संपर्क में: कांग्रेस
गोवा के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडांकर ने दावा किया कि सरकार बनाने के लिए कई गैर-कांग्रेसी विधायक उनके संपर्क में हैं। हम रणनीति तैयार कर रहे हैं, उम्मीद है कि जल्द ही राज्यपाल मृदुला सिन्हा हमें सरकार बनाने का मौका देंगी। इस बीच राज्यपाल मृदुला सिन्हा को लिखे पत्र में विपक्ष के नेता चंद्रकांत बाबू कवलेकर ने कहा कि पर्रिकर के निधन के बाद भाजपा का कोई सहयोगी नहीं बचा है। लिहाजा सबसे बड़ी पार्टी होने के चलते कांग्रेस को सरकार बनाने का मौका दिया जाए।
प्रयागराज. गंगा यात्रा के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सिरसा पहुंचीं। यहां उन्होंने सिरसा घाट के पास गेस्ट हाउस में सभा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नाम के आगे चौकीदार लगाने को लेकर कहा, ''उनकी मर्जी (मोदी) अपने नाम के आगे क्या लगाएं? मुझे एक किसान भाई ने कहा कि देखिए चौकीदार तो अमीरों के होते हैं, हम किसान तो अपने खुद चौकीदार हैं।''
प्रियंका ने कहा, "मैं आज इसलिए घर से बाहर निकली हूं क्योंकि देश संकट में है। आपने कांग्रेस की सरकारें देखी हैं। लेकिन अब जनता की आवाज को दबाया जा रहा है। देश आपका है। इसकी हिफाजत आप करें। 45 सालों में रोजगार की इतनी कमजोर स्थिति कभी नहीं हुई।''
भाजपा जनता को प्रताड़ित कर रही- प्रियंका
इससे पहले गंगा यात्रा के पहले पड़ाव में प्रियंका प्रयागराज जिले के दुमदमा पहुंचीं। यहां उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की। इस दौरान केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता को हाथ में पकड़कर सबको प्रताड़ित कर रही है। लोकतंत्र का मतलब है जनता की आवाज सुनी जाए। आज कोई नहीं सुन रहा। जनता अपनी मांग रखती है तो उस पर लाठीचार्ज किया जाता है।
प्रियंका ने ग्रामीणों से कहा, आप ठीक तरह से सोचिए। समझिए फिर अपने वोट का इस्तेमाल कीजिए। कांग्रेस की सरकार में आपको मनरेगा मिला। जिन-जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें बनीं, वहां किसानों के कर्ज माफ किए गए। जबकि भाजपा के राज में चुनिंदा उद्योगपतियों के ही कर्ज माफ किए गए।
मनैया घाट से शुरू की गंगा यात्रा
प्रयागराज के मनैया घाट से प्रियंका ने वाराणसी के लिए गंगा यात्रा शुरू की। स्टीमर पर ही उन्होंने छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा की। इससे पहले प्रियंका ने संगम घाट पहुंचकर गंगा पूजन किया। फिर लेटे हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। प्रियंका ने सरस्वती कूप और अक्षयवट के दर्शन भी किए। वह रविवार रात लखनऊ से प्रयागराज पहुंच गई थीं। प्रियंका करीब 28 महीने बाद प्रयागराज आईं है। उन्होंने यहां पुश्तैनी मकान स्वराज भवन में रात्रि विश्राम किया।
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