मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में आरोपी मंत्री मंजू वर्मा और मधु ने मंगलवार को सरेंडर कर दिया। पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू यहां की मंझौल कोर्ट में बुर्का पहनकर सरेंडर करने पहुंचीं। पुलिस पिछले करीब दो महीने से उनकी तलाश में छापेमारी कर रही थी। रविवार को बेगूसराय में उनके मकान की कुर्की भी हुई थी। आरोपी बृजेश की करीबी मधु ने मुजफ्फरपुर में सीबीआई के सामने सरेंडर कर दिया।
मंजू पर आर्म्स एक्ट का केस दर्ज है। उनकी गिरफ्तारी नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार और पुलिस को फटकार लगाई थी। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश में छापेमारी तेज कर दी थी। एडीजी एसके सिंघल ने कहा कि पुलिस के दबाव में मंजू ने समर्पण किया है। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में 27 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।
मधु ने खुद को बताया बेगुनाह
मधु अपने वकील के साथ सीबीआई के सामने सरेंडर करने पहुंची। इससे पहले उसने कहा, ‘‘मैं सीबीआई के हर सवाल का सही जवाब दूंगी। शेल्टर होम में अगर कुछ गलत हुआ है तो वह सामने आना चाहिए। मैंने शेल्टर होम में ऐसा कुछ होते नहीं देखा। मैं बेगुनाह हूं। मेरा शेल्टर होम के अंदर आना-जाना नहीं होता था।’’
टाटा इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में हुआ था खुलासा
यह मामला मुजफ्फरपुर शेल्टर होम में 34 लड़कियों से दुष्कर्म होने से जुड़ा है। टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस की बिहार के समाज कल्याण विभाग को भेजी गई एक ऑडिट रिपोर्ट में लड़कियों से ज्यादती होने का खुलासा हुआ था।
यह शेल्टर होम बृजेश ठाकुर चलाता था, जो पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू के पति चंद्रशेखर का दोस्त है। 31 मई को ठाकुर समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
इस मामले के खुलासे के बाद मंजू ने बिहार की कैबिनेट से इस्तीफा दिया था। मंजू के पति के घर सीबीआई के छापे के दौरान 50 कारतूस मिले थे। इसके बाद मंजू और उनके पति चंद्रशेखर पर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने मंजू की गिरफ्तारी नहीं होने पर पिछली दो सुनवाई के दौरान बिहार पुलिस को फटकार लगाई थी।