कश्मीर में आतंकियों का साथ छोड़कर सेना में शामिल हुए लांस नायक नजीर अहमद वानी को मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाजा जाएगा। यह सम्मान गणतंत्र दिवस समारोह में उनके परिजनों को दिया जाएगा। पिछले साल नवंबर में शोपियां में मुठभेड़ के दौरान नजीर शहीद हो गए थे। इस ऑपरेशन में छह आतंकी मारे गए थे।
नजीर आत्मसमर्पण कर सेना में शामिल हुए थे
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कुलगाम के चेकी अश्मुजी गांव में रहने वाले नजीर वानी कभी आतंकियों के साथ थे, लेकिन उन्होंने रास्ता बदला और 2004 में टेरिटोरियल आर्मी की 162वीं बटालियन में शामिल हो गए। शहादत के वक्त वे 34 राष्ट्रीय राइफल्स में थे।
सच्चे सैनिक थे नजीर: सेना
शहीद वानी के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। उन्होंने आतंकियों के खिलाफ कई ऑपरेशन में हिस्सा लिया। वीरता के लिए उन्हें 2007 और 2018 में सेना मेडल से भी नवाजा गया था। शहादत के बाद सेना के प्रवक्ता ने उन्हें सच्चा सैनिक बताया था।
5 कीर्ति और 12 शौर्य चक्र दिए जाएंगे
केंद्र सरकार की ओर से हर साल वीर सैनिकों को सम्मानित किया जाता है। इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर शहीद वानी के अलावा चार अफसरों और एक सैनिक को कीर्ति चक्र, वहीं 12 सैनिकों को शौर्य चक्र से नावाजा जाएगा।
पुलिस के मुताबिक- तीनों आतंकी बारामूला और सोपोर में कई घटनाओं में शामिल थे। पिछले साल अप्रैल में इन लोगों ने तीन युवकों की हत्या की थी। इनका एक साथी एजाज अहमद गोजरी पहले ही पकड़ा जा चुका है।
पिछले 4 सालों में सुरक्षाबलों ने 2018 में सबसे ज्यादा 257 आतंकी मार गिराए। एजेंसी के मुताबिक, सुरक्षाबलों ने 2017 में 213, 2016 में 150 और 2015 में 108 आतंकी मारे थे। 2018 में सेना ने 142 आतंकियों को 31 अगस्त तक ही मार गिराया था। अगस्त-2018 में सबसे ज्यादा 25 आतंकी मारे गए थे।
न्यूज एजेंसी ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि घाटी में अभी भी 300 से ज्यादा आतंकी सक्रिय हैं। इनकी हरकतें सबसे ज्यादा दक्षिण कश्मीर में देखी गई हैं। सोशल मीडिया के जरिए ये लोग युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारी का कहना है कि एक-47 आतंकियों का सबसे पसंदीदा हथियार है।
राहुल ने यहां केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मैं झूठ नहीं बोलता हूं, जो बोलता हूं वही करता हूं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान का नाम लेकर झूठ बोलते हैं. राहुल ने कहा कि नरेंद्र मोदी नफरत और क्रोध की भावना का चिन्ह हैं.
Thursday, January 24, 2019
Wednesday, January 16, 2019
लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी ताकत, अफगानिस्तान में तो बहस भी बंदूकों से होती है: राहुल
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को फेसबुक पोस्ट में संसद की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संसद में बहस को देखकर अफगान की एक सांसद ने मुझसे कहा था कि हमारे देश में तो इस तरह की बहस भी बंदूकों के जरिए होती है।
संसद में बहस के दौरान िवजिटर्स गैलरी में बैठे थे अफगानी सांसद- राहुल
राहुल ने पोस्ट में लिखा- लोकतंत्र हमारे देश की सबसे बड़ी शक्ति है। हमें हर कीमत पर इसकी रक्षा करनी ही होगी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने संसद की एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा- संसद में एक दिन सदस्य बहस कर रहे थे। इस दौरान मैंने विजिटर्स गैलरी में अफगानिस्तान से आए कुछ सांसदों को बैठे देखा था।
राहुल ने कहा कि मैं उस वक्त यह सोच रहा था कि हमारी संसद में विदेश से आए सांसद बैठे हुए हैं और हम लोग यहां क्या कर रहे हैं। हम चिल्ला रहे हैं।
"बहस के दौरान हंगामा हो रहा था। लोग एक-दूसरे पर चिल्ला रहे थे। मैं यह सोच रहा था कि जब विदेशी लोग यहां पर मौजूद हैं तो क्या यह संसद सही तरह से नहीं चल सकती।"
"बाद में अफगानिस्तान की सांसद मुझे मेरे दफ्तर में मिलने आईं। मैंने उनसे माफी मांगी कि हमारे सांसद बहस के दौरान चिल्ला रहे थे और हंगामा कर रहे थे।"
राहुल ने लिखा, "जब मैंने उनसे माफी मांगी तो अफगानिस्तान की सांसद रोने लगीं। मैं यह देखकर आश्चर्यचकित था। मैंने उनसे पूछा कि आखिरकार हुआ क्या है?"
"उन्हें मुझसे कहा कि राहुलजी आप जानते हैं, जिस तरह की बहस आपकी संसद में हो रही है.. वैसी बहस हमारे देश में बंदूकों के जरिए होती है।"
वहीं सोमवार को दिल्ली और मुंबई में पेट्रोल की कीमतों में 38 पैसे की बढ़ोतरी हुई थी. जबकि कोलकाता और चेन्नई में क्रमश: 37 पैसे और 40 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है.
बुधवार को भले ही पेट्रोल सस्ता हो गया है लेकिन अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड अब भी महंगा है. आने वाले दिनों में इसका असर पेट्रोल की कीमतों पर देखने को मिल सकता है. बता दें कि दिसंबर में ब्रेंट क्रूड सस्ता हुआ था और इस वजह से तेल के दाम भी घटे थे.
सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में मजबूती का रुख रहा. बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 52 अंकों की बढ़त के साथ 36,370.74 पर जबकि एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 12.85 अंकों की बढ़त के साथ 10,899.65 पर खुला. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की बढ़त 130 से ज्यादा अंकों की रही. वहीं निफ्टी 10,900 के स्तर को पार कर गया.
संसद में बहस के दौरान िवजिटर्स गैलरी में बैठे थे अफगानी सांसद- राहुल
राहुल ने पोस्ट में लिखा- लोकतंत्र हमारे देश की सबसे बड़ी शक्ति है। हमें हर कीमत पर इसकी रक्षा करनी ही होगी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने संसद की एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा- संसद में एक दिन सदस्य बहस कर रहे थे। इस दौरान मैंने विजिटर्स गैलरी में अफगानिस्तान से आए कुछ सांसदों को बैठे देखा था।
राहुल ने कहा कि मैं उस वक्त यह सोच रहा था कि हमारी संसद में विदेश से आए सांसद बैठे हुए हैं और हम लोग यहां क्या कर रहे हैं। हम चिल्ला रहे हैं।
"बहस के दौरान हंगामा हो रहा था। लोग एक-दूसरे पर चिल्ला रहे थे। मैं यह सोच रहा था कि जब विदेशी लोग यहां पर मौजूद हैं तो क्या यह संसद सही तरह से नहीं चल सकती।"
"बाद में अफगानिस्तान की सांसद मुझे मेरे दफ्तर में मिलने आईं। मैंने उनसे माफी मांगी कि हमारे सांसद बहस के दौरान चिल्ला रहे थे और हंगामा कर रहे थे।"
राहुल ने लिखा, "जब मैंने उनसे माफी मांगी तो अफगानिस्तान की सांसद रोने लगीं। मैं यह देखकर आश्चर्यचकित था। मैंने उनसे पूछा कि आखिरकार हुआ क्या है?"
"उन्हें मुझसे कहा कि राहुलजी आप जानते हैं, जिस तरह की बहस आपकी संसद में हो रही है.. वैसी बहस हमारे देश में बंदूकों के जरिए होती है।"
वहीं सोमवार को दिल्ली और मुंबई में पेट्रोल की कीमतों में 38 पैसे की बढ़ोतरी हुई थी. जबकि कोलकाता और चेन्नई में क्रमश: 37 पैसे और 40 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है.
बुधवार को भले ही पेट्रोल सस्ता हो गया है लेकिन अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड अब भी महंगा है. आने वाले दिनों में इसका असर पेट्रोल की कीमतों पर देखने को मिल सकता है. बता दें कि दिसंबर में ब्रेंट क्रूड सस्ता हुआ था और इस वजह से तेल के दाम भी घटे थे.
सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में मजबूती का रुख रहा. बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 52 अंकों की बढ़त के साथ 36,370.74 पर जबकि एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 12.85 अंकों की बढ़त के साथ 10,899.65 पर खुला. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की बढ़त 130 से ज्यादा अंकों की रही. वहीं निफ्टी 10,900 के स्तर को पार कर गया.
Monday, January 7, 2019
क्या चुनाव से पहले लागू हो पाएगा General Quota? ये है संविधान संशोधन बिल की पूरी प्रक्रिया
भारत के संविधान में कुछ बदलाव के लिए बिल लाया जाता है. संविधान में किसी प्रकार का परिवर्तन करने का अधिकार देश की संसद को है.
यह प्रक्रिया कुछ जटिल मानी जाती है क्योंकि संशोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों में पर्याप्त बहुमत से पास होना चाहिए. इसलिए सत्ता पक्ष और विपक्ष जब तक पूर्ण सहमत न हों, ऐसे विधेयक का पारित होना मुश्किल होता है. किसी-किसी मामले में ऐसे संशोधन को राज्यों के विधानमंडल में भी पारित करना पड़ता है.
अब तक कितने संविधान संशोधन
1950 में संविधान लागू होने के बाद से अब तक 101 संशोधन किए जा चुके हैं. सोमवार को सरकार ने सवर्ण जातियों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का ऐलान किया. इसके लिए संविधान में संशोधन की जरूरत पड़ेगी. इससे पहले भी कई संशोधन हुए हैं जिनमें कुछ खास हैं. 42वें संशोधन के तहत संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'एकता व अखंडता' शब्द जोड़े गए थे. इसी तरह हाल ही में पारित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक 122वां संशोधन विधेयक और 101वां संविधान संशोधन था.
संशोधन की जरूरत इसलिए है क्योंकि सवर्ण आरक्षण मौजूदा 49.5 फीसदी आरक्षण की सीमा के ऊपर जा रहा है. इसके लिए संविधान की धारा 15 और 16 में बदलाव करना होगा. भारत के संविधान में संशोधन की मुश्किलों के बावजूद यह दुनिया में सबसे ज्यादा बार संशोधित किया जाने वाला दस्तावेज है. इसमें हर साल में औसतन दो संशोधन किए जाते हैं.
संशोधन की प्रक्रिया
संशोधन की प्रक्रिया संसद से होती है. पहले इसे लोकसभा में भेजा जाता है फिर राज्यसभा में. दोनों सदनों में इसे विधेयक के रूप में पेश किया जाता है. बारी-बारी से इस विधेयक को दोनों सदनों में पारित होना जरूरी है. प्रत्येक सदन में दो-तिहाई बहुमत से इसका अनुमोदन होना जरूरी है. इसके बाद कुछ खास संशोधन को राज्यों की विधायकों में भी पारित करना होता है. इतना कुछ होने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है. राष्ट्रपति इसे मंजूर कर दें तो यह कानून में तब्दील हो जाता है. राष्ट्रपति के स्तर पर रुकावट की संभावनाएं न के बराबर होती हैं.
अनुच्छेद 15 में संशोधन
सवर्णों को आरक्षण देने के लिए सरकार संविधान के अनुच्छेद 15 में संशोधन करेगी. 10 फीसदी कोटा तय करने के लिए इसमें धारा चार जोड़ी जाएगी. संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए दोनों सदनों में कम से कम दो-तिहाई बहुमत जरूरी है. सरकार को लेकसभा में तो बहुमत है लेकिन राज्यसभा में नहीं. बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर लोकसभा में मौजूद रहने को कहा है.
यह प्रक्रिया कुछ जटिल मानी जाती है क्योंकि संशोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों में पर्याप्त बहुमत से पास होना चाहिए. इसलिए सत्ता पक्ष और विपक्ष जब तक पूर्ण सहमत न हों, ऐसे विधेयक का पारित होना मुश्किल होता है. किसी-किसी मामले में ऐसे संशोधन को राज्यों के विधानमंडल में भी पारित करना पड़ता है.
अब तक कितने संविधान संशोधन
1950 में संविधान लागू होने के बाद से अब तक 101 संशोधन किए जा चुके हैं. सोमवार को सरकार ने सवर्ण जातियों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का ऐलान किया. इसके लिए संविधान में संशोधन की जरूरत पड़ेगी. इससे पहले भी कई संशोधन हुए हैं जिनमें कुछ खास हैं. 42वें संशोधन के तहत संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'एकता व अखंडता' शब्द जोड़े गए थे. इसी तरह हाल ही में पारित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक 122वां संशोधन विधेयक और 101वां संविधान संशोधन था.
संशोधन की जरूरत इसलिए है क्योंकि सवर्ण आरक्षण मौजूदा 49.5 फीसदी आरक्षण की सीमा के ऊपर जा रहा है. इसके लिए संविधान की धारा 15 और 16 में बदलाव करना होगा. भारत के संविधान में संशोधन की मुश्किलों के बावजूद यह दुनिया में सबसे ज्यादा बार संशोधित किया जाने वाला दस्तावेज है. इसमें हर साल में औसतन दो संशोधन किए जाते हैं.
संशोधन की प्रक्रिया
संशोधन की प्रक्रिया संसद से होती है. पहले इसे लोकसभा में भेजा जाता है फिर राज्यसभा में. दोनों सदनों में इसे विधेयक के रूप में पेश किया जाता है. बारी-बारी से इस विधेयक को दोनों सदनों में पारित होना जरूरी है. प्रत्येक सदन में दो-तिहाई बहुमत से इसका अनुमोदन होना जरूरी है. इसके बाद कुछ खास संशोधन को राज्यों की विधायकों में भी पारित करना होता है. इतना कुछ होने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है. राष्ट्रपति इसे मंजूर कर दें तो यह कानून में तब्दील हो जाता है. राष्ट्रपति के स्तर पर रुकावट की संभावनाएं न के बराबर होती हैं.
अनुच्छेद 15 में संशोधन
सवर्णों को आरक्षण देने के लिए सरकार संविधान के अनुच्छेद 15 में संशोधन करेगी. 10 फीसदी कोटा तय करने के लिए इसमें धारा चार जोड़ी जाएगी. संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए दोनों सदनों में कम से कम दो-तिहाई बहुमत जरूरी है. सरकार को लेकसभा में तो बहुमत है लेकिन राज्यसभा में नहीं. बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर लोकसभा में मौजूद रहने को कहा है.
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